ग़ालिब की कलम से शेर

मिर्ज़ा ग़ालिब है कहाँ तमन्ना का दूसरा क़दम यारब ! हमने दश्ते-इम्काँ को एक नक़्शेपा पाया । कहते हैं - हे ईश्वर ! संभावनों का जंगल तो उसका (कामना) एक चरण चिन्ह है, तब तमन्ना (कामना) का दूसरा चरण कहाँ है ? एक ही चरण में संभावनों की समस्त भूमि, वामन भगवान की भाँति उसन... [पूरी पोस्ट]
writer अनिल कान्त :
views
24
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
4
[09 Dec 2009 00:43 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix