मज़ा कुछ और है

DREAM चलिए ब्लॉग के दूसरे वर्ष कि  शुरुआत करते हैं आजही लिखी इस रचना से. आज  अरहर कि दाल और चावल खाने कि इच्छा हुई  सुबह सुबह पत्नी से कविता में इसकी मांग कर बैठे , मांग क्या कर बैठे  मुखड़ा भा गया और इस रचना ने पदार्पण किया , गौर फरमाए... [पूरी पोस्ट]
writer योगेश स्वप्न
views
22
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
4
[08 Dec 2009 11:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix