मैं बेगुनाह हूँ
भाग-४ स्नातक के बाद मेरी दूसरी पारी की शुरुआत। कुछ चेहरे पुराने ही थे........ कुछ नए शामिल हो गए। मेरा कोई पुराना दोस्त नहीं थे सब जा चुके थे। अब नए दोस्तों की टोली बन गई थी। लोग जिंदगी में आते हैं, कुछ पल साथ रहते हैं और फिर अपने रास्ते चल देते हैं,...
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Shobhna Choudhary
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[06 Dec 2009 03:57 AM]



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