एक ऐसे समय में – कविता – रवि कुमार
एक ऐसे समय में
(a poem by ravi kumar, rawatbhata) एक ऐसे समय में
जब काला सूरज ड़ूबता नहीं दिख रहा है
और सुर्ख़ सूरज के निकलने की अभी उम्मीद नहीं है
एक ऐसे समय में
जब यथार्थ गले से नीचे नहीं उतर रहा है
और आस्थाएं थूकी न जा पा रही हैं
एक ऐसे समय में
जब अ...
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रवि कुमार, रावतभाटा
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[07 Dec 2009 01:52 AM]



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