ग़ालिब की जटिलता
मीर और ग़ालिब की तुलना की जाए तो हम देखते हैं किमीर सरल, दिल से सीधे ज़बान पर आने वाली भाषा का प्रयोग करते हैं; ग़ालिब बातों को घुमा-फिराकर उसमें जद्दत पैदा करने की कोशिश करते हैं । दिमाग खुरचना पड़ता है तब उनका मतलब समझ में आता है । ग़ालिब के पूर्वार्द्ध...
[पूरी पोस्ट]
अनिल कान्त :
34
4
0
4
3
[07 Dec 2009 01:25 AM]



Shuffle








