कविता-फ़विता, ब्लॉगर से मुलाकात और मानहानि
आप कुछ कविता-फ़बिता लिखते हैं:दो दिन पहले गौतम राजरिशी ने एस.एम.एस. करके सूचना दी कि मासिक पत्रिका परिकथा में हमारे ब्लाग का जिक्र है। फोन करके पता किया उनसे तो पता चला कि परसाईजी के बारे में संस्मरण वाली पोस्ट का जिक्र था उसमें। शाम को पत्रिका खरीद क...
[पूरी पोस्ट]
फ़ुरसतिया
सूचना
107
6
0
6
10
[06 Dec 2009 22:23 PM]



Shuffle








