कुछ भी शाश्वत नही

उपस्थित शहर के बाहरी छोर पर बने कैफेटेरिया से , अपने दोस्त के साथ एक बेहद आत्मीय सम्बन्ध का औपचारिक समापन कर वो वापस लौट रहा था . दोनों ने वहीं मिलना तय किया था . एक एक कॉफ़ी और समापन की औपचारिक घोषणा . बड़ी विचित्र बात थी कि हाथ मिलाने की औपचारिकताओं से शुरू... [पूरी पोस्ट]
writer sanjay vyas
views
22
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
15
[06 Dec 2009 08:06 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix