याद करते नहीं फिर भी चीखने लगती हैं कुछ तारीखें जैस 6 दिसंबर
समय के साथ त्रासदी दिवस बढते जा रहे हैं देश में । अभी 26/11, 3/12, और आज 6 दिसबंर । वैसे तो रोज ही त्रासदियॉं होती हैं, रोजमर्रा के जीवन में दुर्घटनाऍं , आपराधिक गतिविधयॉं, आतंकवादी घटनाएँ । लेकिन जब समाज के सफोदपोश लोग , देश के नेतृत्वकर्ता अपने ह...
[पूरी पोस्ट]
अर्कजेश
21
0
0
0
8
[05 Dec 2009 16:57 PM]



Shuffle








