एक डर

Ismat Zaidi कल तक थे जो भाई साथ करने लगे वे दो दो हाथ अम्न्पसंदी मानवता आज बन गई कायरता मारपीट है आगज़नी है राज्य राज्य के बीच ठनी है भाई भाई के रक्त का प्यासा छाने लगा कैसा ये कुहासा यूँ देखो कोई बात नहीं है बिना बात ही आग लगी है नेताओं को वोट की लालच सम्मुख आन... [पूरी पोस्ट]
writer इस्मत ज़ैदी
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[01 Nov 2009 13:07 PM]

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