shraddhanjali
ये कविता उन वीरों को समर्पित जिन्होंने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी श्रद्धांजलि दहशतगर्दी ख़त्म करूंगा , ऐसा था उसका सपना , बेरहमों...
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इस्मत ज़ैदी
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[26 Nov 2009 22:45 PM]



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