इश्क की बात
इश्क की बात हम बताते हैं, एक ताजा गज़ल सुनाते हैं । उनकी यादों से सजाया है इसे , प्यार से लोग गुनगुनाते हैं ॥ नाज़ है गुल को अपने किस्मत पे पहले चूमा गया मुहब्बत से । अदा के साथ उसको जूड़े में हाथ महबूब के लगाते हैं ॥ क्या करें जिक्र हम , शबे ग़म की कैसे...
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अजय कुमार
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[05 Dec 2009 11:03 AM]



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