"सिर्फ अम्मा ही क्यों ? पिताजी क्यों नहीं?"
मित्रों, "सिर्फ अम्मा ही क्यों ? पिताजी क्यों नहीं?" हमारे अनेक पाठकों ने हमारे सम्मुख प्रश्न किया है कि आप www.the-saharanpur.com/amma.html पर केवल "अम्मा" को ही समर्पित रचनायें छाप कर क्यों रुक गये हैं? क्या हमारे जीवन में पिता का स्थान अम्मा से कम...
[पूरी पोस्ट]
सुशान्त सिंहल
19
0
0
0
3
[05 Dec 2009 07:01 AM]



Shuffle








