प्रेम का अकाल क्योँ है?

ओशो चिन्‍तन मैं आपको एक सूत्र की बात कहूं: जिस मनुष्य के पास प्रेम है उसकी प्रेम की मांग मिट जाती है। और यह भी मैं आपको कहूं: जिसकी प्रेम की मांग मिट जाती है वही केवल प्रेम को दे सकता है। जो खुद मांग रहा है वह दे नहीं सकता है। इस जगत में केवल वे लोग प्रेम दे सकत... [पूरी पोस्ट]
writer राजेंद्र त्‍यागी

धर्म-अध्यत्मिचन्‍तन

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[04 Dec 2009 17:39 PM]

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