दिनकर के बहाने
संस्कृति के चार अध्याय जैसी अमर-कृति के रचयिता और अपने समय के चर्चित लेखक-कवि रामधारी सिंह दिनकर की इधर तीन पुस्तक पढने का सुयोग मिला.पुस्तकें हैं: स्वामी विवेकानंद , हे राम ! और लोकदेव नेहरू . मैं उन्हीं पुस्तकों के हवाले से आज बात करूंगा.उन्हों ने...
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शहरोज़
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[04 Dec 2009 15:08 PM]



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