‘नारी के सहभाग बिना , हर बदलाव अधूरा है ।’
परिवर्तन, नारी सहभाग, चिट्ठेकारी बोध गया के महन्तों की सैंकड़ों एकड़ खेती की जमीन पर ‘जो जमीन को जोते बोए, वो जमीन का मालिक होवे’ के पुराने नारे के अनुरूप भूमिहीनों के हक की लड़ाई छात्र युवा संघर्ष वाहिनी ने लड़ी और जीती थी । इस आन्दोलन के दर...
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अफ़लातून
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[02 Nov 2007 03:44 AM]



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