मित्रों के आग्रह पर ब्लाग पर कविता
बहुत से पाठक और मित्रों का लंबे समय से आग्रह था कि अपने ब्लाग पर कविताएं भी डलनी चाहिएं। मैं बहुत संकोच में था, लेकिन अब लगता है कि जो कविताएं संग्रह में हैं और बहुत से पाठक-मित्रों ने नहीं पढ़ी हैं, उन्हें यहां दिया जा सकता है। इस तरह शायद इन कविता...
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प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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[02 Dec 2009 07:16 AM]



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