ग़ालिब : कुछ दिलचस्प किस्से

मिर्ज़ा ग़ालिब जाड़े का मौसम था । तोते का पिंजरा सामने रखा था । सर्द हवा चल रही थी । तोता सर्दी के कारण परों में मुँह छिपाए बैठा था । मिर्ज़ा ने देखा और उनकी अन्दर की जलन बाहर निकली । बोले- "मियाँ मिट्ठू! न तुम्हारे जोरू, न बच्चे । तुम किस फ़िक्र में यों सर झुकाए बै... [पूरी पोस्ट]
writer अनिल कान्त :

Mirza Ghalib

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[02 Dec 2009 00:38 AM]

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