बाबा की जय

shuruwat ये कविता मेरे बहुत ही प्यारे दोस्त के लिए है ,दुआ करता हूँ उस से जो चाहिये वोह मिले मुझे पता है क्या होने वाला है , बस अब बाबा जी का जय होने वाला है .... बाबा की बात निराली है , हर चाहने वाला देता इन्हें गली है , बाबा भी ख़ुशी खुशी सुन लेते हैं अपना... [पूरी पोस्ट]
writer mere shabd
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[01 Dec 2009 14:07 PM]

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