हमारे नेताओ की परिभाषा

हिन्दी मैं मस्ती आज के नेता साँपनाथ, कल आयेंगे नागनाथ कुर्सी की बाँबीयों में बस साँप ही रहे इन्साँ कहे न इनको, बस नाग ही कहे ''नेता बुझा रहे हैं, खुशहाली का दिया इनके गरल को देश ने ने है कंठ तक पिया कल रात लगा फांसी इक वेश्या मरी किसी मनचले ने उसको नेता था कह दिया''... [पूरी पोस्ट]
writer Nirbhay Jain

सुरेश रजक 'कटनी'

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[30 Nov 2009 02:18 AM]

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