राष्ट्रीयकता बनाम राष्ट्रीयता-ठाकरों का आतंक
पिछले दिनों महाराष्ट्र विधानसभा में मराठी भाषा में शपथ की ज़िद के बहाने जिस घटनाक्रम को अन्जाम दिया गया उससे भारतीय लोकतंत्र की दुर्दशा का एक संगीन पहलू उभरकर सामने आता है। स्वतंत्रता के पश्चात् बासठ सालों के इतिहासक्रम में भारतीय लोकतंत्र को परिपक्वत...
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[29 Nov 2009 01:51 AM]



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