अर्थवान की तलाश में निरर्थकता के दर्शन का लेखक - अल्बैर कामू
भारत में जिन विदेशी रचनाकारों को सबसे ज्यादा पढ़ा जाता है, उनमें अल्बैर कामू एक ऐसा नाम है, जिनकी रचनाओं का भारत की विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हुआ है। 1957 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित कामू, रूडयार्ड किपलिंग के बाद दूसरे ऐसे साहित्य़कार हैं जिन्हें म...
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प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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[29 Nov 2009 00:02 AM]



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