हवा के झोंके में तुम्हारी याद ...........................कविता
हवा के झोंके ने बंद पन्नों को बिखेरा है , आज फिर से , जिसमें तुम्हारी चंद यादें फिसल गयी, फर्श पर आंखों के मोती बनकर । मैंने रोकना चाहा खुद को पर नाकाम ही रहा , तुम्हारी तस्वीर पर पड़े आंसू ने महसूस करना चाहा था तुम्हारे स्पर्श को , तुम्हारी खुश्बू क...
[पूरी पोस्ट]
neeshoo
.कविता
26
3
0
3
4
[28 Nov 2009 02:00 AM]



Shuffle








