तेरे नाम चदरिया

THOUGHT जनम जनम को मैंने ओढ़ी ,तेरे नाम चदरिया , पिजरे जैसी चादर तेरी,घर के अन्दर रैन अँधेरी , पड़ी रहू तो पीर घनेरी ,उड़ पाउं यह शक्ति न मेरी, तरसा करे वियोगी पंछी ,बरसा करे बदरिया । कुछ नासमझ सी बुद्धि लरकैया, उस पर दुनिया भूल भुलैया, रखा जाय हाथ न पैयां ,जल... [पूरी पोस्ट]
writer radhasaxena
views
34
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
9
[27 Nov 2009 19:09 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix