विचार आते हैं !

अनहद नाद मुक्तिबोध की एक छोटी कविता विचार आते हैं विचार आते हैं – लिखते समय नहीं लिखते समय नहीं बोझा ढोते वक्त पीठ पर सिर पर उठाते समय भार परिश्रम करते समय चाँद उगता है व पानी में झलमलाने लगता है हृदय के पानी में विचार आते हैं लिखते समय नहीं … पत्... [पूरी पोस्ट]
writer PRIYANKAR

मुक्तिबोधकविताएं/Poems

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[26 Nov 2009 07:14 AM]

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