विचलित मन
अब अपने नन्हें-बच्चों को पाठ विनम्रता का न पढ़ाना ! आने वाले कल की ख़ातिर सत्य -अहिंसा नहीं सिखाना !! जब नेता हों चोर -उचक्के ऐसे मंज़र रोज़ ही होंगे, अपनों में गद्दार छुपे हों दिल पर खंज़र रोज़ ही होंगे ! रोज़ ही होगा देश में मातम,ख़ूँ के समन्दर रोज़ ही होंग...
[पूरी पोस्ट]
अजय कुमार
27
5
0
5
23
[26 Nov 2009 03:20 AM]



Shuffle








