मोमबत्ती जलाने और आंसू बहाने तक सीमित न हो संवेदना
मुम्बई में हुए आतंकी हमले के एक साल बाद आज अखबारो और मीडिया के दूसरे साधनों में इस पर जमकर चर्चा हुई है। देश की सुरक्षा व्यवस्था पर अभी भी कई सवाल उठ रहे है। आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनो को पर भी अखबारों में संपादकीय और लेख छपे हैं। कहीं सु...
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EDHAR HAI
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[26 Nov 2009 02:51 AM]



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