रुके रुके से कदम
रुके रुके से कदम रुक के बार बार चले (२) क़रार लेके तेरे दर से बेक़रार चले रुके रुके से कदम रुक के बार बार चले रुके रुके से कदम सुबह ना आयी कई बार नींद से जागे (२) कि एक रात की ये ज़िंदगी गुज़ार चले (२) रुके रुके से कदम उठाये फिरte the एहसान दिल का सीने प...
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अल्पना वर्मा
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[25 Nov 2009 13:15 PM]



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