जड़ों पर प्रहार जारी रखो
लक्ष्मी के वाहनों की सरस्वती वंदना सुनते हुए दिन गुज़र रहे हैं. यदा-कदा तांडव भी देखा और पन्नों पर स्याही की जगह नफ़रत का ज़हर उगालता नाट्य लेखन भी देखा. जब जब हमने इनकी पोल खोली, इनका विद्रूप चेहरा जनता को दिखाया. तब तब इनका क्रोध सातवें आसमां पर पह...
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neerajdiwan
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[17 Apr 2007 07:23 AM]



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