बदल रहा है सामाजिक यथार्थ : कुँवर नारायण
नई धारा' के आयोजन में कुंवर नारायण, बालेन्दु एवं राधेश्याम तिवारी सम्मानित भारत का सामाजिक यथार्थ अत्यंत जटिल, विविध, बहुस्तरीय और रूढ़िबद्ध है. वह बदल रहा है, लेकिन इतनी तेजी से नहीं कि यहाँ की सामाजिक चेतना को बदल दे. इससे पहले और तेजी से बाजारवाद औ...
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इष्ट देव सांकृत्यायन
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[24 Nov 2009 20:44 PM]



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