एक खत सिर्फ डेली न्यूज स्टाफ के लिए...

संदीप शर्मा दुनिया भर की यादें मुझसे मिलने आती हैं, शाम ढले मेरे सूने घर में मेला लगता है... चार दिन से जिंदगी जैसे परेशान सी हो उठी है। बैठे-बैठे वापस उसी पुरानी जगह लौट जाने का मन करता है। बड़ी जगह और बड़े शहर का उल्लास कभी मन से दूर नहीं हो सकता, पर जिंदगी के उ... [पूरी पोस्ट]
writer sandeep sharma
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[24 Nov 2009 12:48 PM]

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