मुरली तेरा मुरलीधर 35
चिर विछोह की अंतहीन तिमिरावृत रजनी में मधुकर, फिरा बहुत बावरे अभीं भी अंतर्मंथन कर निर्झर सुन रुनझुन जागृति का नूपुर खनकाता वह महापुरुष टेर रहा है अनहदनादा मुरली तेरा मुरलीधर।।191।। पी उसकी स्मिति सुधा प्रफुल्लित द...
[पूरी पोस्ट]
हिमांशु । Himanshu
23
0
0
0
0
[23 Nov 2009 23:57 PM]



Shuffle








