नई पगडंडी
परमजीत थेड़ी गुरमुख सिंह व उसकी पत्नी विकासशील विचारों के थे। विवाह के बारह साल बाद भी उनके कोई औलाद नहीं हुई थी। उन की इच्छा थी कि परमात्मा उन्हें एक बच्चा दे दे, जो उनके बुढ़ापे का सहारा बने। वह लड़के-लड़की में कोई फर्क नहीं समझते थे। और एक दिन उनक...
[पूरी पोस्ट]
दीपशिखा
28
1
0
1
2
[23 Nov 2009 21:29 PM]



Shuffle








