गुजरात- यानी जहां गुजरे अच्छे से रात!

chhammakchhallo kahis छम्मकछल्लो के एक मित्र हैं डॉ. माणिक मृगेश. गुजरात प्रेमी हैं. वे अक्सर कहते हैं, गुजरात- यानी जहां गुजरे अच्छे से रात! और यह जो शख्स है , उसका नाम प्रवीण है। वह प्राइवेट टैक्सी का ड्राइवर है। नरोदा पटिया में रहता है। समय बिताना था। हमारी गाड़ी अपने... [पूरी पोस्ट]
writer Vibha Rani

विभा रानी

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[23 Nov 2009 11:18 AM]

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