हकीकत में न ले चलो दोस्तों...

मुझे हकीकत में न ले चलो दोस्तों, बस इक बार कहूँगा बेगुनाह हूँ दोस्तों| कदम पहले बढ़ाने की कोशिश की हर सफ़र में  ठहर गया तूफानों से रास्ते जब बदल गए दोस्तों|  हर हाथ सहारे को बढतें रहे हर पल  गलत थे जो उसको उधार कह गए दोस्तों| चोट खाकर... [पूरी पोस्ट]
writer लोकेन्द्र
views
21
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
12
[23 Nov 2009 08:11 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix