मैं आंसू

चेतना के स्वर उजाले की ओर मैं आंसू हृदय की अंतरतम् विवशता का सत्कार विरह-वेदना का सशक्त हस्ताक्षर साक्षात पीड़ा का अनुभाविक प्रतिनिधि दु:ख और दर्द का मौन साक्षात्कार भावाभिव्यक्ति का मूक माध्यम तो कभी अनिवर्चनीय खुशी का खामोश प्रतिबिम्ब कभी कलेजे तो कभी आंखों से चुपचाप बहता हू... [पूरी पोस्ट]
writer चेतना के स्वर
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[23 Nov 2009 02:50 AM]

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