सतरंगी परिभाषा - 'सपने', 'वक़्त' और 'मौत'

यादों का इन्द्रजाल... Hindi Poetry by Sulabh आज कल मन बड़ा दार्शनिक हो चला है। कहीं जल्दी ही बुढापा न आ जाए। वैसे भी आदरणीय श्री राज भाटिया जी मुझे बुजुर्ग सोच वाला नौजवान मानते हैं। तीन क्षणिकाएं हैं। तीनो को एक साथ यहाँ रखकर आज सतरंगी परिभाषा की श्रिंखला को यहीं समाप्त करता हूँ...(9) विकल्पों... [पूरी पोस्ट]
writer सुलभ सतरंगी

क्षणिकाएं

views
34
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
9
[22 Nov 2009 16:03 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix