तुम ईद मना लो तनहा तनहा हम रो लेंगे तनहा ही

Awaz Do Hum Ko मेरी पलकों पर जो सपने थे पल भर में चकनाचूर हुए क्या ख़बर सुनाई ज़ालिम ने और हम ग़म से रनजूर हुए क्या सोचा था इस बार अगर हम उनसे मिलने जाएंगे हर वक्त हमारे साथ रहें कुछ ऐसे लम्हे लाएंगे पर ख़ता हमारी थी शायद जो सपना पूरा हो न सका क्या ख़बर सुनाई ज़ालि... [पूरी पोस्ट]
writer Razi Shahab
views
23
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
9
[22 Nov 2009 07:12 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix