केसरिया बालम आवो नीं पधारो म्हारै देस
मारू थारा देस में निपजै तीन रतन, इक ढोलो, दूजी मारवण, तीजो कसूमल रंग।।केसरिया बालम आवो नीं पधारो म्हारै देस।।केसर सूं पगल्या धोवती भले पधारो पीव, और बधाई या करूं, पल-पल वारूं जीव।।केसरिया बालम आवो नीं पधारो म्हारै देस।।...
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प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI
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[20 Nov 2009 11:38 AM]



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