गीत कैसे लिखूं ....... आज किसी से तुक ही नहीं मिली.........
रिसता घाव खजूर पे चढ़ गए दाल के भाव from जिंदगी : जियो हर पल by प्रीति टेलर दूर कहीं दूर जा के मरो...यहाँ बहुत महंगाई है from कुछ शब्द by रविकांत पाण्डेय रोते को हंसा दो है कोई बात है साहिब, हंसते को रुला देना बड़ी बात नहीं है बारातियों को दाल पिलाओ,...
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[20 Nov 2009 07:59 AM]



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