चेतना के स्वर उजाले की ओर

चेतना के स्वर उजाले की ओर मैं तुम्हे लफ्ज-लफ्ज पढ़ना चाहता हूं देखना चाहता हूं कि तुम क्या हो चाहता हूं तुम्हें अक्षर-अक्षर समझना तब तुम मुझे मिलती हो गीता के श्लोकों में कुरान की आयातों में बाइबिल की शिक्षाओं में गुरु ग्रंथ के शबदों में तुलसी की चौपाइयों में सूर के छन्दों में... [पूरी पोस्ट]
writer चेतना के स्वर
views
14
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[20 Nov 2009 03:50 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix