संतान के लिये अब ओनलाइन पूजा , मात्र 3100 रुपयों में.
गये वे ज़माने जब पुरोहित,पंडित ,पुजारी अपने अपने यजमानों को ढूंढने के लिये या तो मन्दिर मे जाकर ठीया जमाते थे या अपने पुश्तैनी यजमानों के घर के चक्कर लगाते थे. अब ज़माना हाई फाई हो गया है तो पंडित-पुरोहित भी कैसे पीछे रहते. अब तो टेलीविज़न चैनल घर बैठे...
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अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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[18 Nov 2009 10:30 AM]



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