तुझे भेंट मे मैं क्या दूँ

गीतकार की कलम ओ अनुरागी तुझे भेंट मे मैं क्या दूँ, तू ही है दाता तेरे सिवा विश्च में जो भी प्राणी है, वो है इक याचक तेरी अनुकम्पा की बारिश से जब भीगा मेरा आँचल सुधा कलश बन गई हाथ में जो थी मेरे जल की छागल दीपित हुईं दिशायें मेरी जिनपर परत जमी थी काली तेरे आशीषों स... [पूरी पोस्ट]
writer राकेश खंडेलवाल
views
18
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
1
[17 Nov 2009 21:58 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix