समय के सागर के बुलबुले

kavyakala समय के सागर के हम बुलबुले हैं कुछ क्षण चमकेंगे सूर्य के प्रकाश में कुछ क्षण लड़ेंगे पवन के थपेड़ों से नृत्य करेंगे साथ अन्य बुलबुलों के संघर्ष करेंगे कि बनी रहे हमारी हस्ती किन्तु क्षणभंगुर है हमारी हस्ती दो पल की ही है हमारी मस्ती शीघ्र ही विलीन हो... [पूरी पोस्ट]
writer Laxmi N. Gupta
views
15
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[17 Nov 2009 10:40 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix