खूब लड़ी मर्दानी ... ... .

हिंदी का शृंगार झाँसी की रानी कवयित्री सुभद्राकुमारी चौहान को सबसे अधिक प्रसिद्धि इस कविता के माध्यम से मिली! आज इसी कविता की  निम्नांकित दो पंक्तियों पर  चर्चा करने का मन हो रहा है - बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी... [पूरी पोस्ट]
writer रावेंद्रकुमार रवि

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[17 Nov 2009 09:42 AM]

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