हाय मेरी किस्मत

हिन्दी मैं मस्ती स्वर्ग और नरक के बीच में लटक गया क्या करू अब मै जमी पर अटक गया निकला था मैं स्वर्ग जाने को मगर जाने कैसे रास्ता मैं भटक गया किए थे कई पुण्य पिछले जन्म मे मैंने उनके फल से स्वर्ग का टिकट कट गया जाने कौनसा पाप बीच मे आ गया रस्ते मे ही मेरा भेजा सटक गया... [पूरी पोस्ट]
writer Nirbhay Jain

मेरी रचनाएँ

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[17 Nov 2009 09:28 AM]

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