नायक नेपथ्य में चला जा रहा था-- गाँधी और मै: सुशील यादव
देखिये ना गाँधी किन-किन के लिए क्या-क्या हैं .इसतरहा है महामना गाँधी की व्यापकता..सुशील जी गहरे सरोकारों के लेखक हैं. इनकी कुछ बेहतर रचनाएँ "हम तो कागज मुड़े हुए हैं" पर जाकर पढ़ी जा सकती हैं.. श्रीश पाठक ] घर में खाद...
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श्रीश पाठक 'प्रखर'
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[17 Nov 2009 00:36 AM]



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