एक दिलचस्प टिप्पणी

नया ठौर वरिष्ठ टीवी पत्रकार श्री अंशुमान त्रिपाठी जी को मैने व्यंग्य- लुटेरों के लिए भी आचार संहिता बने- मेल किया था। जिसे पढ़ने के बाद उनकी दिलचस्पी टिप्पणी आईः संजीव संजीव भाई, लुटेरों के लिए ही आचार सहिता होती हैं। शर्माजी हमारे आपके जैसे इंसान हैं। नाईयो... [पूरी पोस्ट]
writer संजीव

टिप्पणी

views
24
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
0
[16 Nov 2009 08:29 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix