मुरली तेरा मुरलीधर 32

अखिलं मधुरम् अपने ही लय में तेरा लय मिला मिला गाता मधुकर अक्षत जागृति कवच पिन्हा कर गुरु अभियान चयन निर्झर तुमको निज अनन्त वैभव की सर्वस्वामिनी बना बना टेर रहा है भूतिभूषणा मुरली  तेरा   मुरलीधर।।171।। दृग खुलते झलकता पलक झंपते ही आ जाता मधुकर बुला... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु । Himanshu
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[16 Nov 2009 05:30 AM]

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