बाप की कमाई...

मौत भी शायराना चाहता हूँ..! मेरा एक दोस्त है, मेरे ही नाम का... सीधा-सादा... कोई तड़क भड़क नहीं... एकदम साधारण... अगर कोई व्यसन है तो वो है उसका सीधापन... वो उसे छोड़ ही नहीं पाता... कपडे भी एकदम साधारण ही पहनता है... अभी हाल ही में मेरे ही प्रयासों से उसने मोबाईल रखना शुरू किया... [पूरी पोस्ट]
writer रामकृष्ण गौतम

सोच

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[15 Nov 2009 13:37 PM]

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