किसे पता है
आज प्रिये मधु पी लो मन भर किसे पता है कल क्या होगा देर करो मत पी लो सत्वर कल जो होगा वह कल होगा आज प्यार तुम कर लो मन भर नहीं इसे तुम छोड़ो कल पर प्रेम पन्थ पर आज चलो तुम किसे पता है कल क्या होगा पुष्पों से तुम केश सजा लो साजन को तुम गले लगा लो काल च...
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Laxmi N. Gupta
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[14 Nov 2009 23:34 PM]



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